Sunday, July 23, 2023

चलो तुलसीदासजी को जान लेते है, क्या वे किसीके पोषणहारी बने है !

“रामचरित मानस” यह नाम सुनतेही तूलसीदास की याद आती है. क्योकि “रामचरित मानस” इस किताब के वे लेखक है। ऐसे तुलसिदासजी का जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के राजापुर गाव में हुवा था। इतिहासकारों में इनके जन्मदिन के बारे मतभेद है. लेकिन इनका जन्म वर्ष 1532 के आसपास था. उनकी मृत्यु इस्वी 1623 में वाराणसी में हुवा था।

तुलसीदास मुग़ल शासक बाबर (1483-1530), अकबर (1542-1605) और जहाँगीर (1569-1627) के समय में थे। उन्होंने बाबर के  उत्तरकाल से लेकर अकबर,जहाँगीर का पूरा कालखंड देखा और परखा है। मुग़ल शासक बाबर का सेनापती मिरबाकी  के कारनामे और उसकी करतुतियों पर उनकी बारीक नजर होगी। ऐसा मान लेना चाहिए। वे अकबर के पुत्र जहाँगीर के समय 1623 में मृत्युवासी हो गए। अकबर के दरबार में नवरत्न रहे टोडरमल  तुलसीदास के अच्छे मित्र थे। इसकी चर्चा “तुलसी जयंती” नमक किताब में मिलती है।

Sunday, July 2, 2023

वॅगनर गटाचे बंड व त्याचा रशिया -युक्रेन युद्धावरील परिणाम


अलीकडेच रशिया व युक्रेन यांच्यात होत असलेल्या युध्द प्रसंगात जगासमोर एक नवे दृश्य समोर आले. ते म्हणजे, वॅगनरच्या सैनिकांची युक्रेन युध्द सोडून मास्को कडे होणारी कूच. युक्रेन व रशिया यांचे युध्द चालू असताना अचानकपणे असे  होणे आश्चर्यकारक होते. याद्वारे वॅगनर रशियाचा सर्वेसर्वा असलेल्या पुतीनला सत्तेतून घालविण्याचे प्रयत्न करतोय. पुतीन यांनी वेळीच सावध होत वॅगनरच्या हालचालींवर नियंत्रण करीत त्याचे बंड थंड करण्यात यश मिळविले. परंतु यातून पुतीन यांची रशिया व प्रशासनावर असलेली पकड ढिली झाल्याचे जगाला जाणवले.