Friday, April 20, 2012

बहुजन महापुरुषोके स्मारको के अंदर अस्पताल बनाने का देशभर से विरोध करना जरूरी है।

Dr. Babasaheb and Ramabai
DR. B.R. AMBEDKAR SAMAJIK PARIVARTAN STHA

DR. BHIMRAO AMBEDKAR GOMTI VIHAR








समाजवादी पार्टी के अखिलेशसिंग यादव की सरकारने  बहन मायावती सरकार की ओर से  बहुजन समाजके संत एंव महापुरुषोके नामो से अनेक जिल्हे (आंबेडकरनगरज्योतिबा फुलेनगरसिद्धार्थ नगर,गौतम बुध्द नगरसंतकबीर नगरसंत रविदास नगरमहामाया नगर) और बुध्द-फुले-शाहू आंबेडकर के नामोसे विश्वविद्यालयो की स्थापना की है. लखनऊ शहर मे डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन संग्रहालय, डॉ. भीमराव आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन गैलरी, एलिफंट गैलरी, डॉ. भीमराव आंबेडकर गोमती बुध्द विहार, समता मूलक चौक, मान्यवर कांशीरामजी स्मारक स्थल, मान्यवर कांशीरामजी इको गार्डन, बौध्द विहार शांति उपवन, राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल का निर्माण किया गया. ऐसा करके मायावतीने बहुजन सामाजिक संस्कृती का नया निर्माण किया है। अब अखिलेश सिंग यादव ने कुछ जिल्हों के नाम बदलने की घोषणा की है. और बहुजन स्मारकों के अंदर अब वे अस्पताल खुलवाना चाहती है। यह एक गलत तथा गैरजिम्मेदाराना कदम होगा। 

क्या देशभर के आंबेडकरवादी यह सदमा सह पाएंगे?। क्या फुले शाहु आंबेडकरवादी अपने बहुजन महापुरुषोके स्मारकों के अंदर अस्पताल का चालू होना पसंद करेंगे?. क्या नए अस्पताल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश मे जमीन की कमी है?.  मुलायम तथा अखिलेश्सिंग जानबूझकर स्मारकों के अंदर अस्पताल बनाने की सोच रहे है। इसका फुले शाहु आंबेडकरवादियोने पूरे देशभरसे विरोध करना शुरू कर देना चाहिए । 

बापू राऊत

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